विक्रम सोलर की बड़ी उपलब्धि: 10 गीगावाट वैश्विक

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भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, विक्रम सोलर ने सोमवार को वैश्विक स्तर पर 10 गीगावाट (GW) की कुल सौर मॉड्यूल तैनाती का आंकड़ा पार कर लिया है। यह मील का पत्थर न केवल कंपनी के दो दशक पुराने विनिर्माण कौशल को दर्शाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा बाजार में भारत की बढ़ती शक्ति का भी प्रतीक है।

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत ने अप्रैल 2026 की शुरुआत में 150 गीगावाट स्थापित सौर क्षमता का बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है। विक्रम सोलर की 10 गीगावाट की इस तैनाती में 2.5 करोड़ से अधिक सौर मॉड्यूल शामिल हैं, जो दुनिया भर के 39 देशों में फैले हुए हैं।

दो वर्षों में दोगुनी हुई रफ्तार

विक्रम सोलर ने मात्र पिछले 24 महीनों में अपनी क्षमता को 5 गीगावाट से बढ़ाकर 10 गीगावाट कर लिया है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ज्ञानेश चौधरी ने कहा, “यह उपलब्धि केवल विक्रम सोलर के लिए गर्व की बात नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सौर ऊर्जा कितनी तेजी से वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को बदल रही है। हमारा ध्यान अब उच्च-दक्षता वाली तकनीकों और विनिर्माण क्षमताओं को और मजबूत करने पर है।”

विनिर्माण और भविष्य की योजनाएं

वर्तमान में, विक्रम सोलर के पास पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 9.5 गीगावाट की मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता है। कंपनी अब तमिलनाडु के गंगईकोंडान में 12 गीगावाट की सेल निर्माण इकाई और 6 गीगावाट की मॉड्यूल इकाई स्थापित कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ‘VION’ ब्रांड के तहत ऊर्जा भंडारण (BESS) के क्षेत्र में भी कदम रख चुकी है, जिसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक 5 गीगावाट-घंटा की क्षमता हासिल करना है।

नवाचार का इतिहास

कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (दुनिया का पहला पूरी तरह से सौर ऊर्जा संचालित हवाई अड्डा) से लेकर भारत के शुरुआती फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स तक, विक्रम सोलर हमेशा नई तकनीकों को अपनाने में आगे रहा है। 10 गीगावाट का यह आंकड़ा कंपनी को भविष्य के ‘राउंड-द-क्लॉक’ (RTC) बिजली समाधानों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

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