September 19, 2026

विजय की ‘जन नायकन’ दिखाने पर केबल ऑपरेटर गिरफ्तार

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डिजिटल पाइरेसी और कॉपीराइट उल्लंघन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, कोयंबटूर जिला पुलिस ने तमिल सुपरस्टार से नेता बने थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म “जन नायकन” का अवैध प्रसारण करने के आरोप में एक 44 वर्षीय स्थानीय केबल टीवी ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तमिल फिल्म उद्योग और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य, दोनों के लिए एक संवेदनशील समय पर हुई है, क्योंकि फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हुई है और प्रमाणन (Certification) में देरी व राजनीतिक जांच के घेरे में फंसी हुई है।

आरोपी की पहचान एस. पलानीसामी के रूप में हुई है, जो करुमतमपट्टी स्थित चैनल ‘रासी प्राइम मूवी’ (Raasi Prime Movie) का मालिक है। विशेष पुलिस टीमों ने त्वरित जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया। पारंपरिक केबल नेटवर्क पर बिना रिलीज हुई फिल्म के अवैध प्रसारण के मामले में 2026 की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

आधी रात का प्रसारण और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह अवैध प्रसारण 11 अप्रैल, 2026 की रात को हुआ। “जन नायकन” को अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी नहीं मिली है, इसके बावजूद चैनल ने फिल्म का लगभग 21 मिनट का हिस्सा प्रसारित कर दिया।

इस अवैध गतिविधि की जानकारी विजय द्वारा स्थापित राजनीतिक दल ‘तमिलगा वेट्रि कझगम’ (TVK) की कोयंबटूर पूर्व इकाई की उप सचिव मोहनप्रिया ने दी। शिकायत मिलते ही कोयंबटूर के पुलिस अधीक्षक डॉ. के. कार्तिकेयन ने जांच के लिए दो विशेष टीमें गठित कीं।

  • छापेमारी: पुलिस ने करुमतमपट्टी में चैनल के प्रशासनिक कार्यालय पर छापा मारा और पांच हार्ड डिस्क व कंप्यूटर सहित प्रसारण उपकरण जब्त कर लिए।

  • कार्रवाई: पलानीसामी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने जिला कलेक्टर और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से चैनल का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की सिफारिश की है।

विवादों में घिरी फिल्म: राजनीति और प्रमाणन

“जन नायकन” विवाद केवल पाइरेसी का मामला नहीं है, बल्कि यह 2026 के तमिलनाडु चुनावी सीजन का एक बड़ा मुद्दा बन गया है। एच. विनोथ द्वारा निर्देशित इस फिल्म को मूल रूप से जनवरी 2026 (पोंगल) में रिलीज होना था, लेकिन निर्माताओं और CBFC के बीच टकराव के कारण इसे अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, बोर्ड ने फिल्म के राजनीतिक विषयों और चुनाव आचार संहिता के तहत मतदाताओं पर इसके संभावित प्रभाव का हवाला देते हुए मामला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को भेज दिया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर तमिल संस्कृति और विजय के राजनीतिक उत्थान को दबाने के लिए CBFC का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

कानूनी ढांचा: सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2023

पलानीसामी की गिरफ्तारी को ‘सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2023’ के लिए एक परीक्षण मामले (Test Case) के रूप में देखा जा रहा है। इस कानून के तहत:

  • धारा 6AA और 6AB: फिल्मों की अनधिकृत रिकॉर्डिंग और प्रसारण पर रोक लगाती हैं।

  • दंड: न्यूनतम 3 महीने की कैद और ₹3 लाख का जुर्माना, जो फिल्म की कुल निर्माण लागत का 5% तक हो सकता है। “जन नायकन” के मामले में यह जुर्माना करोड़ों में हो सकता है।

अंधेरे में जारी जंग

जहाँ “जन नायकन” अभी भी कानूनी पचड़ों में फंसी हुई है, वहीं पाइरेसी के खिलाफ लड़ाई डिजिटल परछाइयों में जारी है। कोयंबटूर में हुई यह गिरफ्तारी स्थानीय ऑपरेटरों के लिए एक सख्त चेतावनी है। हालांकि, प्रशंसकों और फिल्म उद्योग के लिए असली जीत तभी होगी जब “जन नायकन” (जनता का नेता) अवैध इंटरनेट लिंक के बजाय बड़े पर्दे पर दस्तक देगा।

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