September 13, 2026

ऋषिकेश में नशा रोकने पर माँ को गोली मारने की घटना से स्तब्ध महिला आयोग

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अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

प्रदेश भर में शुरू होगा अवैध नशे के खिलाफ सघन अभियान

​अवैध नशाखोरी के खिलाफ पुलिस व मातृशक्ति के साथ मिलकर मोर्चा खोलेगा राज्य महिला आयोग

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल अपने शहर स्थान ऋषिकेश से करेंगी अभियान का शुरुआत

​देहरादून/ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश में विस्थापित कॉलोनी से सामने आए एक हृदयविदारक मामले में जहां नशा करने से रोकने पर एक बेटे द्वारा अपनी ही बुजुर्ग माँ को गोली मार दी गई, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने त्वरित स्वतः संज्ञान लिया है। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, नशे के आदी आरोपी सुमित गौड़ ने अपनी 63 वर्षीय माता ऊषा देवी के सिर में तमंचे से गोली मार दी, जिसके बाद पीड़ित महिला को नाजुक हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। इस अत्यंत संवेदनशील और अमानवीय घटना पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने तत्काल प्रभारी निरीक्षक (एसओ) ऋषिकेश से फोन पर वार्ता की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग की अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि वह पीड़ित बुजुर्ग महिला से मिलने के लिए अस्पताल जाएंगे।

​इस निंदनीय घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने ऋषिकेश में नशा करने से रोकने पर बेटे द्वारा अपनी माँ पर गोली चलाना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह हमारे सामाजिक ताने-बाने और संस्कारों पर भी एक बड़ा आघात है। नशाखोरी देवभूमि की युवा पीढ़ी को खोखला कर रही है और घरों को तबाह कर रही है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। देवभूमि उत्तराखंड की इस पवित्र माटी में नशाखोरी को समाप्त करने के लिए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग अब अपने स्तर पर एक बड़ा अभियान चलाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हमारा यह दृढ़ प्रयास रहेगा कि पूरे उत्तराखंड में नशे के विरुद्ध एक व्यापक और सघन जन जागरुकता अभियान चलाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी माँ या परिवार इस तरह की प्रताड़ना का शिकार न होना पड़े।

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने समाज और युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए मातृशक्ति की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृभूमि की रक्षा और समाज सुधार में हमारी मातृशक्ति ने हमेशा बढ़-चढ़कर ऐतिहासिक भूमिका निभाई है और वर्तमान में भी वे अवैध नशाखोरी को कम करने के लिए लगातार धरातल पर प्रयास कर रही हैं। आयोग इस अभियान को मजबूत करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर प्रदेश भर की मातृशक्ति इस विशेष मुहिम में शामिल करेगा। महिलाओं के सहयोग से गाँव-गाँव और शहर-शहर में अवैध नशे के खिलाफ एक सघन जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि युवाओं और परिवारों को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने वाले इस अभियान की शुरुआत वह स्वयं अपने शहर ऋषिकेश से करेंगी, जिसे बाद में जनभागीदारी के माध्यम से पूरे उत्तराखंड में एक बड़ी मुहिम का रूप दिया जाएगा।

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