September 18, 2026

आदर्श विद्या निकेतन हल्दूखाता में बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

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300 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने किया प्रतिभाग

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन तथा जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला बाल कल्याण समिति एवं राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आदर्श विद्या निकेतन हल्दूखाता, कोटद्वार में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 300 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों एवं वक्ताओं द्वारा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणाम, बच्चों के अधिकार, शिक्षा का महत्व, साइबर सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम-2012, किशोर न्याय अधिनियम तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में बच्चों को सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरुक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया गया।

जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य कपिल रतूड़ी ने बाल विवाह के सामाजिक, मानसिक एवं कानूनी दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कुप्रथा बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता मयंक थपलियाल ने किशोर न्याय अधिनियम, बाल अधिकारों एवं बच्चों को प्राप्त कानूनी संरक्षण की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण एवं अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।

जिला बाल संरक्षण इकाई से सूरज कुमार ने बाल संरक्षण सेवाओं, बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से शकुंतला नयाल ने बच्चों को संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि बाल श्रम, हिंसा, शोषण, बाल विवाह अथवा किसी भी प्रकार की समस्या से प्रभावित बच्चे 1098 पर निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण से अभिषेक नेगी ने बच्चों की देखरेख, संरक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा करते हुए विद्यार्थियों को संवेदनशील एवं जागरुक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

नवीन सकलानी ने साइबर सुरक्षा एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जानकारी साझा करते हुए बच्चों को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं इंटरनेट के दुरुपयोग से बचाव के उपाय बताए। वहीं दीपक पांडे ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उसके दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना कुकरेती ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति जागरुक करना, बच्चों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना रहा।

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